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विश्‍व पर्यावरण दिवस: पर्यावरणीय कार्यों को समर्पित पांच दशक

वर्ष 1974 में इसकी शुरुआत से, विश्व पर्यावरण दिवस का विकास एक वैश्विक मंच के रूप में हुआ है जहां पर समुद्री प्रदूषण और ग्लोबल वॉर्मिंग से लेकर सतत उपभोग और वन्य-जीव के साथ किए जाने वाले अपराधों जैसे महत्त्वपूर्ण मुद्दों के प्रति जागरूकता फैलाई जाती है और उचित कदम उठाए जाते हैं। इन वर्षों में लाखों लोग इसका हिस्सा बन चुके हैं, और इस तरह से उन्होंने हमारे उपभोग के तरीकों के साथ ही साथ राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण नीति में बदलाव लाने में मदद की है। नीचे कुछ उपलब्धियां दी गई हैं जिन्हें विश्व पर्यावरण दिवस के माध्‍यम से इन वर्षों के दौरान हासिल किया गया है।

इतिहास

विश्व पर्यावरण दिवस छोटे और कम विकसित देशों की भागीदारी में बड़े मुद्दों को समाहित करता हैजैसे कि सतत उपभोग और वन्-जीवों का गैरकानूनीव्यापार। 40 वर्षों से भी पहले शुरू हुआ यह दिवस सोशल मीडिया पर वायरल हो जाता है।

2018

भारत ने विश्व पर्यावरण दिवस के 45वें समारोह की मेज़बानी की थी जिसका विषय "करेंगे संगप्लास्टिक प्रदूषण से जंग" था। मुंबई के वर्सोवा बीच पर 6,000 से अधिक लोगों ने संयुक्त राष्ट्र एन्वायरन्मेंट चैंपियन ऑन अर्थ, अफरोज़ शाह के साथ मिलकर समुद्र तट की सफाई का कार्य किया, जहां उन्‍होंने 90,000 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक कचरा इकट्ठा किया। भारत सरकार ने 2022 तक सभी एकल उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने की एक साहसिक प्रतिबद्धता व्यक्त की - जो कि समुद्री कूड़े का 70 प्रतिशत हिस्सा बनाती है और यूरोपीय संघ के विधि निर्माताओं ने भी इस पर 2025 तक पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए सहमति जतायी।

2017

विश्व पर्यावरण दिवस 2017 का विषय था “मैं प्रकृति के साथ हूं”, जिसके अंतर्गत 1,800 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें से प्रमुख थे मुंबई में वृक्षारोपण, अंगोला में हाथी दांतों का दहन और ब्राज़ील के इगुआचू राष्ट्रीय उद्यान में एक दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन। मेज़बान देश कनाडा में, प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के प्रमुख एरिक सोलहाइम के साथ नायग्रा नदी में नाव चलाकर प्रकृति से जुड़ने का प्रयास किया।

2016

इस दिन संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के अब तक के सबसे बड़े डिजिटल अभियान, #WildforLife की शुरुआत हुई जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे वन्य-जीवों से संबंधित अपराधों को खत्म करने की दिशा में एक बड़ी प्रेरणा बना। मेज़बान देश अंगोला ने हाथी दांत के व्यापार को प्रतिबंधित करने का वादा किया। इसके बाद गैर-कानूनी वन्य-जीव उत्पादों के एक प्रमुख बाज़ार चीन ने अपने घरेलू हाथी दांत बाज़ार को बंद करने का वचन दिया।

2015

विश्व पर्यावरण दिवस वायरल हो गया: इसकी मेज़बानी मिलान, इटली में की गई और इसका विषय था “सात अरब लोग। एक ग्रह। सोच समझ कर उपयोग करें,” जो 20 से अधिक देशों में ट्विटर पर सबसे लोकप्रिय विषय रहा; विश्व पर्यावरण दिवस के 500 से अधिक वीडियो यूट्यूब (YouTube) पर पोस्ट किए गए।

2014

“आवाज़ उठाओ, समुद्र स्तर नहीं!” विषय ने द्वीपीय देशों पर जलवायु परिवर्तन से होने वाले खतरों के प्रति जागरूकता फैलाई। अगले वर्ष, पेरिस जलवायु वार्ता के दौरान छोटे द्वीपीय देशों ने वैश्विक तापमान की औसत बढ़ोत्तरी को 1.5 º सेल्सियस पर सीमित करने के महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य के लिए समझौता करने में सफलता प्राप्त की।

2013

इस वर्ष मंगोलिया की मेज़बानी में इसका विषय था सोचो। खाओ। बचाओ। इस मुहिम ने खाने की हर वर्ष बड़े पैमाने पर होने वाली बर्बादी और नुकसान की ओर ध्यान खींचा और लोगों को खाद्य उत्पादन से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए जानकारी से भरपूर विकल्पों को चुनने में सक्षम बनाया।

दुनिया भर से लोगों ने 4,000 से अधिक गतिविधियां (ऐक्टिविटी) दर्ज कीं (वर्ष 2011 मेंऔर विश्व पर्यावरण दिवस की वेबसाइट को 42.5 लाख से ज्यादा बारदेखा गया (वर्ष 2012 में)अरब देशों और संयुक्त राज्य अमेरिका ने पहली बार मेज़बानी कीलगातार तीन वर्षों तक यह दिन जलवायु परिवर्तन की ओर ध्यानकेन्द्रित करता रहा।

2012

पृथ्वी सम्मेलन के बीस वर्ष बाद, विश्व पर्यावरण दिवस रियो डि जेनेरो, ब्राज़ील लौटा। “हरित अर्थव्यवस्था: क्या आप इसमें शामिल हैं?" विषय ने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की हरित अर्थव्यवस्था की मुहिम पर ज़ोर डाला। विश्व पर्यावरण दिवस की वेबसाइट को 42.5 लाख से अधिक लोगों ने देखा, जो एक नया रिकॉर्ड था।

2011

पहले विश्व पर्यावरण दिवस चैलेंज में एक्टर डॉन चीडल ने सुपर मॉडल जिसेल बनचेन की तुलना में अधिक फ़ॉलोवर हासिल किए जिसके बदले में जिसेल को एक जंगल का निर्माण करना था। अगले वर्ष, जिसेल ने रियो डि जेनेरो के ग्रुमारी म्युनिसिपल पार्क में एक पेड़ लगाया जो 50,000 पेड़ों की श्रृंखला का पहला पेड़ था। दुनिया भर से लोगों ने 4,000 से अधिक गतिविधियां दर्ज कीं।

2010

विश्व पर्यावरण दिवस की विरासत मुहिम ने मेज़बान देश रवांडा में गोरिल्ला संरक्षण और गांवों में सोलर लाइटिंग के लिए $85,000 से अधिक राशि जुटाई। एक ऑनलाइन वैश्विक प्रतियोगिता के वोटरों ने कुछ गोरिल्ला के बच्चों के नाम रखे, जिसने इस अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता वर्ष में उन पर मंडराते हुए खतरों पर ध्यान खींचा।

2007

“पिघलती बर्फ?– एक ज्वलंत मुद्दा”, विषय पर ट्रामसे, नॉर्वे में आयोजित, यह विश्व पर्यावरण दिवस उन लगातार तीन वर्षों की शुरुआत थी जब इस दिवस ने जलवायु परिवर्तन की ओर ध्यान खींचा; इसी समय के दौरान चौथी आईपीसीसी (IPCC) मूल्यांकन रिपोर्ट में यह पाया गया कि जलवायु का गर्म होना स्पष्ट है।

2006

मरुस्‍थलीकरण का मुकाबला करने हेतु संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के प्रभावी होने के एक दशक बाद, विश्व पर्यावरण दिवस ने अल्जियर्स, अल्जीरिया की मेज़बानी में “मरुस्‍थल और मरुस्‍थलीकरण - शुष्क भूमि को मरुस्‍थल नहीं बनाएं!” के नारे के साथ शुष्क भूमियों पर पड़ रहे दबाव की याद दिलायी।

2005

सैन फ्रांसिस्को की मेज़बानी में, विश्व पर्यावरण सम्मेलन पहली बार उत्तरी अमेरिका में आयोजित हुआ और इसका विषय था “हरित शहर: पृथ्वी के लिए एक योजना।" अमेरिका के पूर्व उप-राष्ट्रपति अल गोर और सैन फ्रांसिस्को के पूर्व मेयर गेविन न्यूसम ने भागीदारी करके, क्योटो प्रोटोकॉल के प्रभावी होने के वर्ष में इसकी रूपरेखा को लागू किया।

2003

मुख्य समारोह बेरुट, लेबनान में आयोजित हुआ, जो अरब जगत के लिए पहला मौका था। अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ जल वर्ष के समर्थन में “पानी – दो अरब लोग प्यासे मर रहे हैं!” विषय को चुना गया।

दुनिया की लगभग एक-तिहाई जनसंख्या के लिए ज़िम्मेदार देशों ने बारी-बारी से विश्व पर्यावरण दिवस की मेज़बानी कीजिसमें चीन (दो बार)रूसजापान औरतुर्की शामिल थेकैंपेन डिजिटल हो गया।

मेकोंग डेल्टा जैसे इलाकों में बढ़ते समुद्री जलस्तर सहित क्लाइमेट चेंज या जलवायु परिवर्तन विश्व पर्यावरण दिवस का सबसे अधिक देखा गया विषय रहा है।

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मेकोंग डेल्टा जैसे इलाकों में बढ़ते समुद्री जलस्तर सहित क्लाइमेट चेंज या जलवायु परिवर्तन विश्व पर्यावरण दिवस का सबसे अधिक देखा गया विषय रहा है।

 

महासचिव कोफी अन्नान ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सहस्त्राब्दि पारिस्थितिक तंत्र मूल्यांकन (Millennium Ecosystem Assessment) की शुरुआत की, जो ग्रह के स्वास्थ्य के आकलन का एक अभूतपूर्व प्रयास था। “जीवन के वर्ल्ड वाइड वेब से जुड़ें” विषय के अंतर्गत कई शहरों जैसे -टोरिनो, इटली और हवाना, क्यूबा के अलावा ह्यू, वियतनाम और नैरोबी, केन्या में भी इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाया गया।

2000

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने एक पूर्ण-विकसित विश्व पर्यावरण दिवस वेबसाइट लॉन्च की जिसने दुनिया भर में गतिविधियों को रजिस्टर करना आसान बनाया और एक वैश्विक समुदाय की भावना को जन्म दिया। मुख्य समारोह एडिलेड, ऑस्ट्रेलिया में “पर्यावरण सहस्त्राब्दि (Environment Millennium)– कुछ करने की घड़ी,” विषय के अंतर्गत आयोजित किए गए। ये आयोजन सहस्त्राब्दि विकास लक्ष्यों को निर्धारित करने वाले अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन आयोजित होने से पहले किए गए।

1998

विश्व पर्यावरण दिवस ने पहली बार हमारे समुद्री पारिस्थितिक तंत्र पर मंडराने वाले ख़तरों पर प्रकाश डाला, और अंतर्राष्ट्रीय महासागर वर्ष का समर्थन करते हुए “पृथ्‍वी पर जीवन के लिए – सागरों को बचाएं” विषय चुना। मॉस्को, रूस ने समारोह की मेज़बानी की।

1996

अंकारा, तुर्की में विश्व पर्यावरण दिवस के समारोह के दौरान नाईजीरियाई एक्टिविस्ट केन सारो-वीवा को मरणोपरांत ग्लोबल 500 पुरस्कार दिया गया। इस पुरस्कार के साथ विश्व पर्यावरण दिवस ने मानव और पर्यावरण अधिकारों के बीच के संबंध पर प्रकाश डाला।

1995

नेल्सन मंडेला के राष्ट्रपति बनने के एक वर्ष के बाद दक्षिण अफ्रीका ने मेज़बान की भूमिका निभाई। मंडेला ने समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी और पर्यावरणीय विषयों ने दुनिया भर का ध्यान आकर्शित किया। एक वर्ष पहले रंगभेद विरोधी मंडेला ने इस दिन केप टाउन के टेबल माउंटेन को “पृथ्वी के लिए एक उपहार” और जैव विविधता की रक्षा में दक्षिण अफ्रीका की प्रतिबद्धता का प्रमाण घोषित किया।

1993

चीन ने बीजिंग में विश्व पर्यावरण दिवस की मेज़बानी की, जिससे इस सर्वाधिक जनसंख्या वाले देश में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैली। इसका विषय था “गरीबी और पर्यावरण - दुष्चक्र को तोड़ना”। 2002 में एक बार फिर यह आयोजन चीन में वापस आया, और इस बार इसका आयोजन शेनजेन शहर में किया गया।

1992

विश्व पर्यावरण दिवस रियो डि जेनेरो में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण और विकास सम्मेलन के दौरान आयोजित किया गया, जिसे आम तौर पर पृथ्वी सम्मेलन के नाम से जाना जाता है। राष्ट्रों ने जलवायु परिवर्तन, मरुस्‍थलीकरण और जैव विविधता पर कई संधियों को अंतिम रूप दिया और समसामयिक सतत विकास का मार्ग प्रशस्त किया।

1989

जलवायु परिवर्तन पैनल, जिसमें विभिन्न सरकारों की भागीदारी थी, की स्थापना के एक वर्ष के बाद ब्रुसेल्स, बेल्जियम में हुए समारोह ने ग्लोबल वॉर्मिंग के बढ़ते परिणामों को दोहराया। आने वाले वर्षों में इस विषय पर अन्य विषयों की तुलना में ज्यादा बार ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।

1988

दुनिया भर में मुख्य समारोहों का आयोजन शुरू हुआ, जिनकी शुरुआत बैंकॉक, थाईलैंड से हुई। ब्रुंटलैंड रिपोर्ट द्वारा संवहनीयता की रूप रेखा बनाने के एक वर्ष बाद “पर्यावरण को वरीयता - टिकाऊ विकास का वादा” विषय को चुना गया।

A tree for peace
पूर्व संयुक्त राष्ट्र महासचिव जेवियर पियरे डे क्युएलार विश्व पर्यावरण दिवस 1986 के दिन संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में वृक्षारोपण करते हुए।
 

1987

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने इस दिन के उपलक्ष्य में नैरोबी, केन्या में पहली बार वंगरी माथाई समेत अन्य पर्यावरण समर्थकों को ग्लोबल 500 पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 2003 तक ये पुरस्कार विश्व पर्यावरण दिवस समारोह का मुख्य आकर्षण बने रहे।

1986

अंतर्राष्ट्रीय शांति वर्ष में “शांति के लिए एक पेड़” विषय को चुना गया। विश्व पर्यावरण दिवस के बढ़ते महत्त्व को प्रदर्शित करते हुए, फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा मित्तराँ, भारतीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी और यूगांडा के योवेरी मुसेवनी सहित राजनेताओं तथा धार्मिक नेताओं ने “वैश्विक समारोह” में भाग लिया और वृक्षारोपण किया तथा संघर्षों और पर्यावरण के ध्वंस के बीच संबंध पर ज़ोर डाला।

संयुक्त राष्ट्र ने 1972 में जून को विश्व पर्यावरण दिवस घोषित कियादो वर्ष बादइसे पहली बार केवल एक पृथ्वी के नारे के साथ मनाया गया।

1981

अभियान ने भूमिगत जल और आहार श्रृंखला में ज़हरीले रसायनों की उपस्थिति की ओर ध्यान खींचा। अगले वर्ष, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की कार्यकारी परिषद ने मोंटेवीडियो कार्यक्रम को स्वीकार किया जिसमें वैश्विक कानून के निर्धारण की प्राथमिकताओं को स्थापित किया और परिणामस्वरूप कई खतरनाक रसायनों और प्रदूषकों को सीमित अथवा प्रतिबंधित किया गया।

1979

अंतर्राष्ट्रीय बाल वर्ष में “हमारे बच्चों का केवल एक भविष्य” विषय चुना गया। विश्व पर्यावरण दिवस ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किसी अंतर्राष्ट्रीय वर्ष को समर्थन दिया, और पर्यावरण समस्याओं के बढ़ने के साथ-साथ यह प्रवृत्ति भी एक वैश्विक मुद्दा बन गई।

1977

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने इस दिन ओज़ोन परत पर मंडराते खतरे की ओर ध्यान खींचा, जिसके साथ विश्व पर्यावरण दिवस पर महत्त्वपूर्ण पर्यावरण मुद्दों को शुरुआत से ही बल देने का प्रचलन शुरू हुआ। इसके दस वर्ष बाद, ओज़ोन परत को क्षति पहुंचाने वाले पदार्थों के लिए ऐतिहासिक मोंट्रियाल प्रोटोकॉल को मंजूरी मिली।

1974

विश्व पर्यावरण दिवस को पहली बार “केवल एक पृथ्वी” के नारे के साथ मनाया गया।

1972

मानव पर्यावरण पर स्टॉकहोम सम्मेलन के पहले दिन की स्मृति में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस घोषित किया। इसी दिन संयुक्त महासभा द्वारा स्वीकार किए गए एक संकल्प के साथ, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम अस्तित्व में आया।