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7 May 2019 दमा (अस्थमा) से पीड़ित लोगों को वायु प्रदूषण के बारे में ज्यादा चिंतित होने की ज़रूरत है

An asthma attack is a frightening experience, threatening to deprive you of your ability to breathe, and life itself. According to World Health Organization estimates,…

Story

दमा (अस्थमा) का अटैक बहुत भयंकर अनुभव होता है, जो सांस लेने, और यहां तक कि जीवित रहने की आपकी क्षमता छीन सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमानों के मुताबिक, 23.5 करोड़ लोग दमा (अस्थमा) से पीड़ित हैं, दमा बच्चों में पाया जाने वाला सबसे सामान्य स्थायी (क्रॉनिक) रोग है। दमा (अस्थमा) के कारण 80 फीसदी से अधिक मौतें निम्न और निम्न-मध्यम आय वाले देशों में होती हैं।

7 मई 2019 को विश्व अस्थमा दिवस हमें याद दिलाता है कि सांस की पुरानी समस्याओं से ग्रस्त लोग सभी प्रकार के वायु प्रदूषण के प्रति खासतौर से असुरक्षित होते हैं।

वाहनों का धुआं, खासतौर से शहरी लोगों को प्रभावित करने वाला एक तरह का प्रदूषक है।

लंदन की व्यस्त A2 रोड, जिस पर हजारों कारें, लारियां और कोच निकलते हैं, के निकट रहते हुए मैं अक्सर अपने स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के असर को लेकर चिंतित रहता हूं। दमा (अस्थमा) पीड़ित टॉम बार्टलेट, 24 ने बताया, “उधर मैं साइकिल चलाकर या पैदल जाने में अच्छा महसूस नहीं करता, और मैं पीछे की सड़कों का इस्तेमाल करता हूं, जहां मैं धुएं से बच सकता हूं।

एक नए अध्ययन में बताया गया है कि वाहनों के प्रदूषण के कारण एक वर्ष में बच्चों में दमे (अस्थमा) के 40 लाख मामले सामने आते हैं, जो रोजाना 11,000 नए मामलों के बराबर हैं। लांसेट प्लैनेटरी हेल्थ पत्रिका में प्रकाशित यह रिसर्च, बच्चों के दमे (अस्थमा) पर ट्रैफिक के धुएं के असर का पहला विश्वस्तरीय आकलन है, जो हाई-रिजोल्यूशन वाले प्रदूषण आंकड़ों पर आधारित है। मुख्य प्रदूषक नाइट्रोजन डाइआक्साईड ज्यादातर डीजल वाहनों से उत्पन्न होता है।

सोराया स्माओन ने बताया कि, “यह एक महत्त्वपूर्ण अध्ययन है और बताता है कि शहरी इलाकों में बच्चों के लिए वाहनों का धुआं कितना खतरनाक है।

 

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मनीला, फिलीपीन्स में भारी ट्रैफिक । फोटोः जजफ्लोरो/विकीमीडिया कॉमन्स

दमा (अस्थमा) के लिए जोखिम वाले कारक

आनुवांशिक पूर्वकारण और एलर्जी पैदा करने वाले तथा श्वसन मार्ग में जलन पैदा करने वाले सांस के माध्यम से ग्रहण किए जा सकने वाले पदार्थों और कणों का वातावरणीय एक्सपोजर, आपस में मिलकर दमा (अस्थमा) विकसित होने के सबसे प्रबल जोखिम कारक के रूप में काम करते हैं।

दमा (अस्थमा) पीड़ितों की हालत गंभीर बनाने वाली चीज़ों में घरेलू एलर्जन, जैसे कि बिस्तर, कालीनों या पालतू पशुओं के बालों में रहने वाली घरेलू किलनी/खटमल/डस्ट माइट, बाहर पाए जाने वाले एलर्जन जैसे कि परागकण, और तम्बाकू का धुआं आदि को शामिल किया जा सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार शहरीकरण के साथ दमा (अस्थमा) बढ़ रहा है। लेकिन इस रिश्ते को सही से समझना अभी बाकी है।

दमे (अस्थमा) के अटैक के समय श्वासनलियों के अस्तर सूज जाते हैं, जिससे वायुमार्ग संकरे हो जाते हैं और फेफड़ों में आने-जाने वाली हवा का प्रवाह कम हो जाता है। बार-बार उभरने वाले दमा (अस्थमा) के लक्षण अनिद्रा, दिन के समय थकान, क्रियाशीलता में कमी, तथा स्कूल व कार्य से अनुपस्थित रहना आदि की वजह बनते हैं।

संभवतः वायु प्रदूषण से दिवंगत हुई लंदन की लड़की, दमे (अस्थमा) की मरीज़ थी, जो लंदन की साउथ सर्कुलर रोड से 25 मीटर पर प्रदूषण के एक कुख्यात केंद्र - लेविशैम में रहती थी। उसकी मां नए सिरे से जांच कराने के लिए संघर्ष कर रही है, जिससे मृत्यु प्रमाणपत्र पर वायु प्रदूषण को मृत्यु के निर्णायक कारण के रूप में दर्ज करवाया जा सके।

बड़ों के बजाय बच्चों की लंबाई कम होने की वजह से वे जमीन के, तथा इस तरह से वाहनों के एग्जॉस्ट पाइपों के भी अधिक निकट होते हैं। इसके अलावा, छोटे बच्चे ज्यादा जल्दी-जल्दी सांस लेते हैं, जिससे उनके शारीरिक वज़न के सापेक्ष उनके शरीर में अधिक हवा पहुंचती है।

 

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नैरोबी, केन्याः सवारियां बुलाने के लिए बसों के इंजन प्रायः चालू छोड़ दिए जाते हैं। फोटोः जैक कवाना/संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम

नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) जो मिलकर NOx कहलाती हैं, पेट्रोल और डीजल वाहनों, और ऊर्जा उत्पादन से निकलती हैं। ये दिल के रोग व सांस की बीमारियां उत्पन्न करने वाले प्रमुख प्रदूषक हैं और विकासशील देशों में तेजी से बढ़ रहे हैं।

आंकड़े देखें तो, दुनिया में हर 10 में से नौ लोग, विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित स्तर से ऊंचे स्तर वाले वायु प्रदूषण का सामना करते हैं। यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रेन्स फंड के अनुसार, दुनिया भर में 1.7 करोड़ शिशु जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं।

क्या किया जा सकता है?

नगरपालिकाएं, पैदल स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए स्वच्छ हवा वाले जोन बना सकती हैं, और निर्धारित रूटों पर वाहनों का ट्रैफिक कम कर सकती हैं। अक्षय ऊर्जा साधनों को अपनाकर तथा परिवहन क्षेत्र में उत्सर्जनों में भारी कटौती करके दुनिया भर में वायु प्रदूषण कम किया जा सकता है। पेड़ लगाना भी बहुत महत्त्वपूर्ण है। अब ये बदलाव करना बहुत ज़रूरी हो गया है, ताकि हमारे बच्चों को ऐसी स्थायी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना न करना पड़े जो उनके भविष्य पर ग्रहण लगा दें।

विश्व स्वास्थ्य संगठन, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम और दि क्लाइमेट एंड क्लीन एयर कोलिशन द्वारा संचालित #ब्रीदलाइफ (#BreatheLife) नामक विश्वस्तरीय अभियान के बारे में अधिक जानें, जो 55 शहरों, प्रान्तों और देशों में 15.3 करोड़  से अधिक लोगों तक पहुंचने वाले अनेक स्वच्छ हवा कार्यक्रमों को समर्थित करता है।

 

5 जून, 2019 को विश्व पर्यावरण दिवस की थीम वायु प्रदूषण है। हमारे आस-पास की हवा की गुणवत्ता, हमारे रोजमर्रा के जीवन-शैली विकल्पों पर निर्भर है। इस बारे में अधिक जानें, कि किस तरह से वायु प्रदूषण आपको प्रभावित करता है, और हवा साफ करने के लिए क्या किया जा रहा है। अपने उत्सर्जन कम करने और #करेंगेसंगवायुप्रदूषणसेजंग की दिशा में आप क्या कर रहे हैं?

2019 विश्व पर्यावरण दिवस, चीन द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

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