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24 May 2019 वायु प्रदूषण को कला में बदलना

कलाकार, अपने आस-पास की दुननया से प्रेरणा लेते हैं। इसनलए यह कोई आश्चयय की बात नहीं है कक कुछ कलाकारों ने हमारे समय की एक सबसे दबावकारी पयायवरणीय समस्या- वायु प्रदूषण पर भी कुछ कायय शुरू ककया है।

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कलाकार, अपने आस-पास की दुननया से प्रेरणा लेते हैं। इसनलए यह कोई आश्चयय की बात नहीं है कक कुछ कलाकारों ने हमारे समय की एक सबसे दबावकारी पयायवरणीय समस्या- वायु प्रदूषण पर भी कुछ कायय शुरू ककया है।

नवश्व स्वास््य संगठन के अनुसार, प्रत्येक वषय लगभग 70 लाख अकाल मौतें वायु प्रदूषण के कारण होती हैं, जबकक 10 में से 9 लोग नवषाक्त वायु में सांस लेते हैं। वायु प्रदूषण जलवायु पररवतयन में भी योगदान करने वाला माना जाता है, और इसनलए इसका समाधान करने के नलए ककए जाने वाले प्रयासों से जलवायु संकट दूर करने में भी मदद नमल सकती है।

कदम उठाने का समय आ चुका है, और अन्य अनेक लोगों की तरह कलाकार भी वायु प्रदूषण के बारे में जागरूकता बढ़ाने, इसे कम करने के समाधान खोजने, तथा एक संसाधन के रूप में भी इसका इस्तेमाल करने के तरीके खोज रहे हैं।

पॉल्युशन पॉड्स

माइकल पपंस्की ने नवनवध प्रकार के वायु प्रदूषण के बीच अंतरों से प्रेररत होकर पॉल्युशन पॉड्स बनाने का ननश्चय ककया। इस पररयोजना में पांच गुम्बद हैं, प्रत्येक में नवश्व के पांच नभन्न क्षेत्रों की हवा को प्रदर्शयत ककया गया हैैः उत्तरी नावे, लंदन, नयी कदल्ली, बीपजंग, और साओ पाओलो। इन गुम्बदों से गुजरते हुए आप वायु प्रदूषण के नवनवध स्तरों और स्रोतों का अनुभव कर सकते हैं।

पपंस्की ने संयुक्त राष्ट्र पयायवरण काययक्रम को बताया कक, 'मैं एक से दूसरे गुम्बद में एकदम नभन्न अनुभूनत कदखाना चाहता था। मुद्दा केवल यह नहीं है कक प्रदूषण ककतना प्रबल है, बनल्क यह कक उसकी नवशेषताएं भी बहुत अलग-अलग होती हैं।'

लंदन के नलए, पपंस्की ने डीजल की गंध सृनजत की। बीपजंग के नलए, उन्होंने औद्योनगक धुओं, कोयले या लकड़ी को जलाने, और पररवहन उत्सजयनों की नमली-जुली गंध ननर्मयत की। जबकक नयी कदल्ली के नलए प्लॉनस्टक और फसल अवशेष जलाने की गंध को चुना गया, क्योंकक यहां नागररक अभी अपना ज्यादातर कचरा जलाते हैं।

अच्छी बात ये है कक यहां प्रदूषण की केवल गंध और दृश्यता है, और वास्तव में हाननकारक गैसें नहीं हैं। लेककन, पपंस्की का कहना है कक तब भी यह अनुभव कोई रूनचकर नहीं है। यही वास्तनवक बात हैैः वायु प्रदूषण अच्छा नहीं है।

पपंस्की को उम्मीद है कक पॉल्युशन पॉड्स, वायु प्रदूषण, नवशेषकर पररवहन से होने वाले प्रदूषण का समाधान करने की कदशा में अनधक 'क्रांनतकारी तरीके' प्रेररत करेंगे। 'दुननया के नवनभन्न शहरों में एक ही तरह की जनपैरवी या नवचारधारा लागू करना आसान नहीं है,' ऐसा उन्होंने बताया, 'लेककन कुछ मामलों में, आप सही नीनतयां अपनाकर लगभग दो वषों में समस्या पर काबू पा सकते हैं।'

 

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फोटोैः स्टूनडयो रोजेगादे

 

स्मॉग-फ्री (धुआं रनहत) टॉवसय

डान रोजगादे, बीपजंग में रहते हुए, और आर्थयक नवकास तथा नागररक कल्याण हेतु शहर के प्रयासों से प्रेररत हुए, और इस प्रेरणा से उन्होंने 'स्मॉग-फ्री टॉवर' बनाया। 'नवश्व में सबसे बड़ा स्मॉग वैक्यूम क्लीनर', जैसा कक रोजगादे कहते हैं, यह प्रदूनषत हवा को खींचता है, इसे साफ करता है, और इसे कफर से वायुमंडल में छोड़ देता है।

मैंने अपने बारे में नवचार ककया, मैं कोई मंत्री नहीं हं, मैं आज ग्रीन एनजी को 2000 करोड़ यूरो नहीं दे सकता। लेककन मैं एक इंजीननयर और एक कलाकार हं, मैं स्वच्छ हवा का एक पाकय बना सकता हं, नखनलस्तान की तरह।'

यह स्मॉग-फ्री टॉवर शहर के एक पाकय में नस्थत है, जो शेष शहर के मुकाबले यहां की हवा को 20-70 प्रनतशत अनधक स्वच्छ बनाता है। इसमें पॉनजरटव आयनाइजेशन तकनीक का उपयोग ककया गया है, नजसके बारे में रोजगादे का कहना है कक यह कम नबजली की खपत के साथ अत्यन्त महीन कणों वाली बड़ी मात्राएं साफ करने का एकमात्र तरीका है।

अब टॉवसय दुननया भर में चीन, पोलैंड, नीदरलैंड में हैं, और जल्दी ही दनक्षण कोररया और मैनक्सको में भी देखने को नमलेंगे। इससे एक वैनश्वक अनभयान की भी शुरूआत हुई, नजसके तहत हर देश में स्थानीय साझेदारों के सहयोग से टॉवर खड़े ककए जा रहे हैं। रोजगादे ने अब 'स्मोक-फ्री ररंग' भी पेश की है-जो संपीनडत स्मॉग कणों से बनी है-और स्मॉग-फ्री साइककल भी।

'ये अजीब बात नहीं है। यह प्रो-यूटोनपया है, जहां हम एक-एक कदम उठाते हुए अपने शहरों को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।' उन्होंने बताया, 'इनका अंनतम लक्ष्य यही है कक इनकी ज़रूरत ही न रहे, लेककन तब तक स्वस्थ बने रहने के नलए आपको वे सारे प्रयास करने होंगे जो आप कर सकते हैं।'

वायु प्रदूषण पर आधाररत स्याही

अननरूद्ध शमाय मुम्बई, भारत में अपने पररवार से नमलने आए थे, जहां शाम को उन्होंने ध्यान देकर देखा कक धूल जैसी ककसी चीज़ की वजह से उनकी सफेद शटय बदरंग हो गई।

'मैंने पाया कक यह वायु प्रदूषण, या कानलख जैसे पदाथय के कण, वाहनों से ननकले धुएं के काले कणों से ननर्मयत थे।' शमाय ने अपनी मातृ संस्था मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) मीनडया लैब को बताया, 'यह गंभीर स्वास््य समस्या है।'

मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी लौटने पर शमाय ने वायु प्रदूषण कम करने की कदशा में कुछ करने का ननश्चय ककया। इसनलए उन्होंने ग्रेनवकी लैब्स नाम से एक स्टाटय अप स्थानपत ककया, नजसने डीजल एक्जॉस्ट नसस्टमों से जुड़कर कणीय पदाथय कैप्चर करने वाली एक तकनीक नवकनसत की। ग्रेनवकी की टीम ने कानलख को शोनधत करके इसे दुननया भर में कलाकारों के द्वारा उपयोग ककए जाने के नलए स्याही में बदल कदया और एयर-इंक का नाम कदया।

अब तक, इस स्टाटय-अप ने 160 करोड़ माइक्रोग्राम कणीय पदाथय कैप्चर ककया है, जो 1600 अरब लीटर आउटडोर हवा एकनत्रत करने के बराबर है।

शमाय ने बताया कक 'प्रदूषण में कमी और कला को प्रोत्साहन। हम यही तो कर रहे हैं।'

वायु प्रदूषण, 5 जून, 2019 को नवश्व पयायवरण कदवस की थीम है। हम नजस हवा में सांस लेते हैं उसकी गुणवत्ता, हमारे दैननक जीवनशैली नवकल्पों पर ननभयर करती है। इस बारे में अनधक जानें, कक वायु प्रदूषण ककस तरह आपको प्रभानवत करता है, और हवा को स्वच्छ करने के नलए क्या ककया जा रहा है। अपने उत्सजयन प्रभाव कम करने, और #करेंगेसंगवायुप्रदूषणसेजंग की कदशा में आप क्या कर सकते हैं?

2019 के नवश्व पयायवरण कदवस का आयोजन चीन द्वारा ककया जा रहा है।

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